द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के दुमका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज के बहाने विवाहित महिला को बुलाकर उसका अपहरण किए जाने की घटना सामने आयी है। मामला प्रकाश में तब आया जब महिला की तलाश में आए उसके भाई ने थाना में शिकायत दर्ज करवायी। घटना के संबंध में महिला के भाई राजस्थान के उदयपुर जिले के प्रताप नगर थाना क्षेत्र के अरिहन कॉलोनी के रहने वाले आशीष यादव ने दुमका नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी।
राजस्थान से आयी महिला गायब
बता दें कि इस मामले में दुमका नगर थाना में शून्य प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के लिए गिरिडीह मुफस्सिल थाना भेजा है। फिर इस मामले में रविवार को मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई। इस प्राथमिकी में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोयमारा के रहने वाले त्रिपुरारी प्रसाद वर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है। बताया गया कि आरोपी ने महिला को अपने घर गिरिडीह बुलाया था। इस कारण मामले में दुमका में शून्य प्राथमिकी दर्ज करने के बाद गिरिडीह मुफस्सिल थाना में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी ने महिला को बुलाया था झारखंड
दर्ज प्राथमिकी में आशीष ने बताया है कि उनकी बहन 24 वर्षीया नेहा यादव पति सोनू यादव नगर निगम उदयपुर राजस्थान में एनजीओ के रूप में काम करती थी। उसके साथ त्रिपुरारी प्रसाद वर्मा भी काम करता था। इस कारण उसकी बहन और त्रिपुरारी के बीच अच्छा संबंध था। काफी सालों से उनकी बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। ऐसे में त्रिपुरारी ने इसी साल सितंबर माह में उसकी बहन को बताया कि झारखंड में उसके परिचय का एक बहुत अच्छा वैद्य है। जो इस तरह की बीमारी का शत-प्रतिशत सफल इलाज करता है। आशीष ने आगे कहा है कि उसकी बहन सितंबर के अंतिम माह में त्रिपुरारी के बात पर गिरिडीह आई थी, इसके बाद वो वापस लौट भी गई। लेकिन दोबारा त्रिपुरारी के कहने पर उसकी बहन 7 दिसंबर 2024 को इलाज के लिए उसके पास आई थी। 10 दिसंबर को आखिरी बार बहन की उन लोगों से बातचीत हुई थी, तब तक वह ठीक थी। मगर उसके बाद से उसका फोन और त्रिपुरारी दोनों का फोन बंद आ रहा है।फोन बंद आने पर गिरिडीह पहुंचा भाई
आशीष ने बताया कि बहन और त्रिपुरारी का फोन लगातार बंद आने के बाद भाई बहन का पता लगाने के लिए गिरिडीह त्रिपुरारी के घर पहुंचा। यहां उसे जानकारी मिली कि 09 दिसंबर 2024 को ही त्रिपुरारी कहीं चला गया है। आशीष ने प्राथमिकी में कहा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि त्रिपुरारी ने उसकी बहन को इलाज के नाम पर अपने घर बुलाया, फिर उसका अपहरण कर कहीं गायब कर दिया है।
इस दौरान गिरिडीह में आशीष को पता चला कि त्रिपुरारी दुमका में किसी जगह काम कर रहा है। इस पर भाई त्रिपुरारी को खोजने दुमका चला गया। लेकिन दुमका में काफी खोजबीन करने के बाद भी उसकी बहन नेहा और त्रिपुरारी का कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद मामले में थक कर आशीष ने दुमका नगर थाना में लिखित शिकायत की है।